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भादवामाता मंदिर –


यह चमत्कारिक आरोग्य तीर्थ स्थल मालवा एवं मध्यप्रदेश के प्रांत के सीमांत पर नीमच नगर से 18 किलोमीटर पूर्व में स्थित हैं। यहॉ पर महामाया भादवामाता का संगमरमर पत्थर से निर्मित भव्य मंदिर है जिसमें माता विराजित हैं। माता के साथ ही मॉ के आसन के साथ माता नवशक्तियों (नवदुर्गाओं) की नौ प्रतिमाऐं भी विराजित हैं। माता भगवती के यह रुप इस प्रकार है-
1. ब्राह्मी
2. माहेश्वरी
3. कौमारी
4. वैष्णवी
5. वाराही
6. नरसिंही
7. ऐन्द्री
8. शिवद्ती
9. चामुण्डा

अखण्ड ज्योति एवं मंगल आरती-


मॉ भगवती के सिंहासन के निकट एक अखण्ड ज्योति चिरकाल से प्रज्जवलित है। जो माता के मंदिर को एक विशेष आकर्षण प्रदान करता है तथा इसका दर्शन दुर्लभ है।

अन्य पौराणिक प्रतिमाऐं


माता के मंदिर में माता के साथ ही अन्य प्राचीन प्रतिमाओं में भगवान श्री गणेश की प्राचीन प्रतिमा तथा भगवान विष्णु की शेषशायी प्रतिमा तथा शिव पार्वती की प्राचीनतम प्रतिमाऐं माता के मंदिर के इतिहास को इंगित करते हुए माता के मंदिर का मुख्य आकर्षण है।

अमृत जल बावड़ी


महामाया भादवामाता आरोग्य तीर्थ के रुप में प्राचीनकाल से प्रसिद्ध है तथा प्राचीन मान्यता अनुसार माता के दरबार में शारिरीक विकलांग (लकवा) एवं मानसिक व्याधियों से मुक्ति सम्भव है। माता मंदिर परिसर में एक चमत्कारिक प्राचीन बावड़ी स्थित है। मान्यता अनुसार इस बावड़ी के जल को चमत्कारिक माना गया है तथा इसके सेवन एवं स्नान से कई असाध्य बीमारियों का इलाज सम्भव है। माता के दरबार में यह बावड़ी माता के रुप को तथा उसकी प्रसिद्धी को और विराट रुप प्रदान करती है।